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31वां बिहारी पुरस्कार 2021

के.के. बिरला फाउंडेशन ने वर्ष 2021 के बिहारी पुरस्कार के लिए राजस्थान की लेखिका मधु कांकरिया को उनके उपन्यास ‘हम यहां थे’ के लिए दिए जाने की घोषणा मार्च 2022 में की।
• इस उपन्यास का प्रकाशन वर्ष 2018 में हुआ था।
• राजस्थान मूल की मधु कांकरिया का जन्म कोलकाता में वर्ष 1957 में हुआ था। उन्होंने एम.ए. (अर्थशास्त्र) कोलकाता से किया है।
• कांकरिया की प्रमुख रचनाओं में खुले गगन के लाल सितारे, सलाम आखिरी, पत्ता खोर, सेज पर संस्कृत, सूखते चिनार, बीतते हुए, भरी दोपहरी के अंधेरे, युद्ध और बुद्ध आदि प्रमुख है।
बिहारी पुरस्कार: एक दृष्टि में
• बिहारी पुरस्कार की स्थापना के.के. बिड़ला फाउण्डेशन ने प्रख्यात हिन्दी कवि बिहारी के नाम पर वर्ष 1991में की थी। भारत के किसी भी भाग में रहने वाले राजस्थान के मूल निवासी या फिर गत 7 वर्ष से स्थायीरूप से राजस्थान में रहने वाले देश के किसी भी भाग के निवासी लेखक की राजस्थानी या हिन्दी की कृति को प्रदान किया जाता है। ड्डति का प्रकाशन विगत् दस वर्ष में हुआ हो। पुरस्कार स्वरूप ₹ 2.5 लाख की
धनराशि, प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

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